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Antarvasna

मेरी सहेली की मम्मी की कामवासना

8 मिनट

दोस्तो, मैं अन्तर्वासना सेक्स स्टोरीज की लेखिका निशा … आप सब पाठक मेरी कामवासना से भरपूर कहानियों को पढ़ कर काफी मजा लेते हैं और सराहते हैं. और काफी कमेन्ट भी करते हैं. मैं 40 साल की हूँ मेरा फिगर 38 सी 36 40 है और मैं दिखने मे बहुत ही हॉट और सेक्सी हूँ.
मेरी पिछली कहानी
ट्रेन में बनी सहेली संग लेस्बीयन सेक्स
में आपने पढ़ा कि मैं अनुप्रिया के घर पहुँच गई थी और वहाँ उसके मम्मी, पापा और वो थी. मेरे पति ने बोला था वे छुट्टी लेकर पोस्ट से वहीं आ जायेंगे दो एक दिन के लिये!
मैंने कहा- ठीक है।

मुझे अनुप्रिया के घर आये तीन दिन बीत चुके थे पर मेरे पति नहीं आये. लेकिन मैं बहुत खुश थी क्योंकि मुझे अनुप्रिया के साथ सेक्स भरपूर मिल ही रहा था. इसलिये 3 दिन पता भी नहीं चले. अगले दिन रात को 08.00 बजे के आस-पास मेरे पति का फोन आया- मैं अभी 3 दिन और नहीं आ सकता हूँ.

फिर तो मेरी और मौज हो गई. अनुप्रिया तो बहुत ही ज्यादा खुश थी. हम लोगों ने बहुत सारे तरीकों से, बहुत सेक्स पोजीशन में लेस्बियन सेक्स किया.

मैं भी अनुप्रिया की मम्मी पापा को मम्मी पापा कहने लगी थी.

तभी हम दोनों को मस्ती सूझी कि आज मम्मी और पापा को सेक्स करते हुये देखेंगे. फिर हम लोगों ने सुबह खिड़की के ऊपर का वेन्टीलेटर खोल दिया जिससे कि रात को मम्मी पापा को हम सेक्स करते हुये देख सकें.
लेकिन हमें यह करते हुए अनुप्रिया की मम्मी ने देख लिया और बोली- तुम यह क्या कर रही हो अनुप्रिया?
हम दोनों डर गयी कि अब क्या बतायें!

तभी मम्मी बोली- तुम दोनों पूरे दिन अपने कमरे में रहती हो, मुझे पता है कि तुम दोनों मिल कर क्या क्या करती हो!
फिर हम दोनों और ज्यादा डर गयी, हम शर्म के मारे सर नीचे झुकाये खड़ी थी कि तभी वे बोली- अब मुझे सेक्स करते हुये देखना चाहती हो कि मैं कैसे सेक्स करती हूँ? ठीक है, आज देख लेना लेकिन ये वेन्टीलेटर बन्द कर दो. और मैं तुम्हें कमरे के अन्दर से सेक्स दिखाऊँगी.
हम दोनों उनकी तरफ हैरानी से देखने लगी.

तब वो बोली- हाँ, मेरी तरफ क्या देख रही हो? आज देख लेना! ठीक है। और तुम लोग जो करती हो … वो क्या मैं नहीं देखती हूँ? मैं भी देखती हूँ और वो सब मैं भी करना चाहती हूँ यार तुम लोगों के साथ!
तभी मैंने कहा- मम्मी, कमरे में चलो … वहीं बैठ के बातें करेंगें।

और हम तीनों कमरे में आ गयी. पापा घर पर थे नहीं!
फिर उस समय दिन में तो हम लोगों ने कुछ नहीं किया.

रात को करीब 09.00 बजे मम्मी कमरे में आई और बोली- मैंने दूसरे वाले बाथरूम का बाहर वाला दरवाजा खोल दिया है, तुम लोग उस दरवाजे से बाथरूम में आ जाना … और मैं कमरे की तरफ से उसका दरवाजा खोल दूँगी, जिसमें पर्दा डाल दूँगी जिससे तुम्हारे पापा को शक न हो. और वहाँ से तुम अन्दर का ठीक से देख सकती हो.
मैंने कहा- ठीक है मम्मी जी!
तभी मम्मी बोली- मैं तुम्हें मिस काल कर दूँगी!
और चली गईं.

हम लोगों ने खाना खाया और अपने-अपने कमरे में चले गये. मैं अनुप्रिया के कमरे में उसके साथ ही सोती थी.

रात को करीब 11.30 बजे फोन बजा और कट गया. अनुप्रिया बोली- मम्मी का है, पापा मम्मी की चुदाई शुरू हो रही होगी, मम्मी हमें बुला रही हैं.
और हम दोनों कामवासना की मारी पीछे वाले दरवाजे से बाथरूम में घुस गयी और फिर पर्दे को हटा कर देखा तो मम्मी उस पर्दे पर ही नजर रखे थी कि हम दोनों आयी या नहीं! और जब हमारी नजर आपस में टकराई और मम्मी ने मुस्कुरा कर हम दोनों का स्वागत किया और पापा के साथ सेक्स करने में जुट गईं.

पापा मम्मी को किस करने लगे और मम्मी पापा को! काफी देर तक उनकी चुम्मा चाटी चलती रही. मॉम की उम्र लगभग 45 साल की तो होगी लेकिन मस्त मोटी और गोरे खूबसूरत हुस्न की मलिका थी. उनका फिगर 42 डी 40 44 था. बूब्स और चूतड़ बहुत ही मोटे थे.

मॉम ने साड़ी पहनी हुई थी. पापा ने उनकी साड़ी खोल दी और फिर ब्लाऊज पेटीकोट भी खोल दिया. अब मॉम सिर्फ ब्रा में थी क्योंकि जीचे उन्होंने पैन्टी नहीं पहनी हुई थी. यह सब देखकर अनुप्रिया मदहोश हुई जा रही थी. हम दोनों लड़कियाँ रात में सिर्फ मैक्सी में ही रहती थी, न ब्रा पहनती थी और न ही पैन्टी!

फिर पापा मॉम की जाँघों के बीच में आ गये और मम्मी की चूत को चाटने लगे. मॉम मस्त होकर अपनी चूत को उठा उठाकर चटवा रहीं थी.

तभी अनुप्रिया ने कामवासना से प्रेरित होकर मेरी मैक्सी उठा दी और मेरी चूत को चाटने लगी. कमरे की लाईट आफ थी नाईट लैंप की थोड़ी रोशनी में हम मम्मी पापा की चुदाई का खेल देख रही थी.

बाथरूम में, जिसमें हम खड़ी थी, पूरा अन्धेरा था तो हमने पर्दा भी पूरा हटा दिया था जिससे हम दोनों को ठीक से चुदाई का मजा आ सके.

मैं भी वहीं बाथरूम में ही नीचे होकर दीवार से टिक गई जिससे अनुप्रिया को मेरी चूत तक अपनी जीभ पहुँचाने में आसानी होने लगी. उधर पापा भी मॉम की चूत को आईसक्रीम की तरह से चाटे जा रहे थे. इधर अनुप्रिया मेरी चूत को खाये जा रही थी.
उधर मॉम तो चिल्ला भी रही थी- अआहह हहह … और तेज चाटो हहह … ससस हहह हहह …और तेज!
लेकिन मैं तो चिल्ला भी नहीं पा रही थी. हालांकि मुझे बहुत मजा आ रहा था, चीखने का मन कर रहा था.

फिर पापा 69 की पोजीशन में आ गये और मॉम की चूत चाटने लगे और मॉम पापा का लण्ड चूसने लगी. तभी हम सहेलियां भी 69 की पोजीशन में आ गयी और एक-दूसरी की चूत चाटने लगी करीब दस मिनट बाद मम्मी जोर से चिल्लाई- आहह हह उम्म्ह… अहह… हय… याह… मेरा पानी निकलने वाला है.
कि तभी पापा और जोर से मम्मी की चूत चाटने लगे. मम्मी अपनी कमर उछाल रही थी कि जोर से पापा के मुँह में झड़ गई और इधर अनुप्रिया ने मुझे इशारा किया कि वो झड़ने वाली है. अनुप्रिया नीचे थी और मैं अनुप्रिया के ऊपर थी कि तभी जोर कमर उछालते हुये अनुप्रिया मेरे मुँह में फच्च से झड़ गई. मैंने अनुप्रिया की चूत को ठीक से चाटा और साफ किया.

और उधर पापा मम्मी की चूत का सारा रस पी गये और मम्मी अआहह उउह हहह … करके शांत हो गई.
और फिर पापा उठे और मॉम की जाँघें फैलाकर अपना मुरझाया हुआ लण्ड चूत में पेलने लगे लेकिन पापा का लण्ड मॉम की चूत में ठीक से घुस भी नहीं पा रहा था क्योंकि उनका लण्ड ठीक से खड़ा नहीं होता था. इसीलिये वो मॉम को मॉम की चूत चाटकर उनकी चूत की प्यास को शांत करते थे.

फिर किसी तरह पापा का पूरा लण्ड मॉम की चूत में घुस गया और पापा मॉम की चूत में धक्के मारने लगे. करीब 5 मिनट बाद पापा झड़ गये और उनके ऊपर गिर गये और लण्ड का पानी मॉम की चूत में छोड़ दिया और आहह उउहह करके झड़ गये।

तब हम दोनों भी उठकर अपने कमरे में आ गयी. हम अपने कमरे में नंगी होकर लेटी थी और सेक्स की ही बातें कर रही थी कि मॉम बहुत गर्म हैं यार, उनकी चूत शांत नहीं हो पा रही है.

और तभी थोड़ी देर बाद किसी ने हमारे कमरे का दरवाजा नॉक किया. अनुप्रिया ने दरवाजा खोला तो देखा कि मॉम हैं. हम दोनों लड़कियां नंगी थी. यह देखकर उन्होंने अनुप्रिया के बूब्स पकड़ लिये और चूसने लगी और उसी अवस्था में बेड पर आकर गिर गयी दोनों!
मैं उठी और मैंने दरवाजे को बन्द किया. फिर मैं भी मॉम के पास आई और मॉम को किस करने लगी, फिर मॉम की साड़ी खोल दी और उनको पूरी नंगी कर दिया जिससे मॉम का मोटा जिस्म हम लोग ठीक से देख सकें और उनके मोटे-मोटे बूब्स और चूतड़ पकड़ सकें!

फिर क्या था … मैंने मॉम को बेड पर गिरा दिया और उनके बूब्स चूसने लगी और अनुप्रिया मॉम की जाँघों को किस करने लगी और धीरे-धीरे उनकी चूत को चूसने लगी जिससे उनके मुँह से आहहह उउहह निकलने लगी.

और फिर कुछ देर बाद मैंने भी उनके मुँह पर अपनी चूत रख दी और मम्मी मेरी चूत को चाटने लगी. फिर मॉम ने मुझे लिटा लिया और चूत चाटने लगी और उधर अनुप्रिया मॉम की चूत चाट रही थी. फिर करीब दस मिनट बाद ही मैं जोर से चिल्लाई- आह मॉम … मैं झड़ने वाली हूँ!
और मैं जोर से अपने चूतड़ उछाल-उछाल कर चूत चटवाने लगी और फिर जोर से फच्च आहह करके झड़ गई.
कि तभी मॉम भी जोर से चिल्लाई- अनुप्रिया आहह ओहह … मैं गई!
और मॉम भी झड़ गई.

फिर हमारी दोनों की चूत अनुप्रिया ने चाटकर साफ की. उस रात मॉम 5 बार झड़ी, अनुप्रिया 4 बार और मैं भी 5 बार झड़ी. बहुत मजा आया मॉम के साथ लेस्बियन सेक्स करने में।

आपको मेरी कामवासना भारी स्टोरी कैसी लगी, जरूर बतायें। अब अगली स्टोरी में किसके साथ सेक्स किया वो सब लिखूँगी।
धन्यवाद
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प्रकाशित किया गया था: लेस्बीयन सेक्स स्टोरीज