1. घर
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कोई मिल गया

प्रेम गुरु की अनन्तिम रचना हज़ारों साल नरगिस अपनी बेनूरी पे रोती है बाद मुद्दत के होता है चमन में दीदा-ए-वार पैदा ओह… प्रेम ! क्या तुम नहीं जानते प्र
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लेखिका : मंजू मनचन्दा अन्तर्वासना के सभी पाठकों को नमस्कार। मुझे अन्तर्वासना की कहानियाँ पढ़ने में मजा आता है, सही पूछें तो मैं अन्तर्वासना की बहुत ब
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योनि का इन्तजार तो हर लण्ड को रहता है पर मिलती किसी एक लण्ड को ही है। योनि की प्यास ना तो आज तक कोई मिटा पाया है और ना कोई मिटा सकता है। हजारों लण्ड
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मैंने अपना एक हाथ बाहर निकला कर ऊपर किया और तर्जनी उंगली धीरे से कामना की गुदा में सरकाने की कोशिश की। ‘आह…नहीं…’ की आवाज के साथ वो कूद कर आगे हो गई,
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मेरे पास अब सोचने का समय नहीं था। किसी भी क्षण मेरा शेर वीरगति को प्राप्त हो सकता था, मैंने आगे बढ़कर अपना लिंग उसके स्तंनों के बीच की घाटी में लगा द
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मैंने एक तरफ से कामना का नाइट गाऊन उसके नीचे से निकालने के लिये जैसे ही खींचा कामना से अपने नितम्ब ऊपर करके तुरन्त नाइट गाऊन ऊपर करने में मेरी मदद की
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मैं मौके का फायदा उठाते हुए एकदम उसके पीछे आ गया, और पीछे से उसकी कमर में हाथ डालकर उसके पेट पर उंगलियाँ फिराने लगा। उसने खुद को कसकर दबा लिया। अब उस
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उसने रसोई की तरफ झांककर देखा और वहाँ से संतुष्ट होकर बोली- जीजू गुदगुदी होती है ! रहने दो ना !’ उनका इतना बोलना था, कि मैंने तुरन्त अपना हाथ पीछे खीं
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गौर से देखने पर मुझे अहसास हुआ कि कामना ने टॉप के नीचे कोई अधोवस्त्र नहीं पहना था, क्योंकि उन पहाडि़यों की ऊपरी चोटी पर स्थित अंगूर के दाने का अहसास
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पिछले तीन दिनों की व्यस्‍तता के बाद भी आज मेरे चेहरे पर थकान का कोई भाव नहीं था आखिर आज मेरे घर मेरी स्वप्न सुन्दरी यानि ड्रीम गर्ल जो आने वाली थी। म
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हाय फ्रेंड्स… यह मेरी पहली कहानी है अन्तर्वासना पर ! वैसे मैं अन्तर्वासना का बड़ा कायल हूँ। मैं एक साधारण सा दिखने वाला लड़का हूँ और अहमदाबाद में इंज
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प्रेषक : लव लव सबको मेरा प्रणाम, मैं जालंधर का रहने वाला हूँ और अन्तर्वासना की सारी कहानियाँ पढ़ चुका हूँ। और अब अपनी कहानी बताने जा रहा हूँ… अब मै
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अन्तर्वासना के सभी पाठकों को मेरा नमस्कार। मेरी लिखी हुई कहानियों को आपने पसंद किया, और अपनी अमूल्य राय से मुझे अवगत कराया इसके लिए आभार। आज मैं आपक
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आपने मेरी पिछली कहानी उमर ही ऐसी है ! में पढ़ा कि कैसे मैंने एक फ़्रेन्डशिप नेटवर्क के जरिये ज्योति नाम की लड़की से मजे किए। असल में ज्योति नाम की कोई
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प्रेषिका : मंजू सर्दी के दिन थे और शाम के करीब 7 बजे थे, लेकिन अँधेरा छा चुका था। मेरी माँ ने मुझे कहा- मंजू, जा तेल ले आ बाबू की दुकान से ! उसे कह
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जिस्म सिर्फ जिस्म की भूख जानता है प्यार करना जिस्म की आदत नहीं ! एक से जी भर जाए तो दूसरी अँधेरी राहों में जिस्म की तलाश करता ही रहता है। यह कहानी है
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प्रेषक : राजवीर उसका स्टॉप आ गया, वो अपने को ठीक करके जाने की तैयारी करने लगी, उस आदमी ने उसे अब तक नहीं छोड़ा था, उसकी गांड अभी भी मसल रहा था। एक आ
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प्रेषक : राजवीर हेल्लो दोस्तो, कैसे हो आप लोग ! आशा करता हूँ कि आप भी तैयार होंगे अपना अपना पानी निकालने के लिए ! एक लड़की थी, नाम पता नहीं क्या था
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6 इंच बड़ा लण्ड कभी होता नहीं है पर दुनिया वाले बोल दिया करते हैं ! ना कोई ऐसा है जो चोदने की इच्छ ना रखता हो। हर कोई छोरी या आंटी इच्छा रखती है च
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लेखक : निशांत कुमार मैं अपने स्वप्न से जागा और जाकर अपने कपड़े बदल लिए। तभी एक कॉल आया, मैंने बात की तो सामने आकाश था। वो अपने घर का पता बताने लगा। म
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लेखक : निशांत कुमार वासना और प्रेम एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। प्रेम का सुख मिल जाए तो वासना मनुष्य के नियंत्रण में हो जाती है और जिस्म का सुख मिल
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दोस्तो, मेरा नाम विवेक है, आपने मेरी कहानी दिव्या के साथ सुनहरे पल पढ़ी होगी। मैं अपने दूर के रिश्ते के चाचा के घर रहकर पढ़ाई करता था। घर में चाचा उम्
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सबसे पहले पाठकों को श्रेया का नमस्कार ! माफ़ी चाहूंगी कि मैं इतने दिनों के बाद आपके सामने अपनी नई कहानी लेकर आई। क्या करती? जॉब ही कुछ ऐसा है… पेट के
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लेखक : जवाहर जैन अन्तर्वासना के सभी पाठकों को मेरा नमस्कार। ट्रेन में श्रद्धा के सहयोग से मैंने सीमा को चोदा। ट्रेन में हमने चुदाई का लुफ्त कैसे उठ
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लेखक : रोनी सलूजा हम दोनों लॉज में एक डबलबेडरूम लेकर उसमें गए। शकुन स्कूल से दो दिन की छुट्टी लेकर और घर में सहेली की शादी का बहाना बनाकर आई थी। या
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लेखक : रोनी सलूजा तमाम पाठकों को मेरा प्यार भरा नमस्कार ! मेरी कहानी ‘नया मेहमान’ को पढ़ कर कई पुरुष व महिला पाठकों के इमेल आये। कुछ पुरुष मित्र लड़कि
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प्रेषक : शशि कुमार मैं आपको एक सच्ची घटना बताता हूँ। मैं और मेरी पत्नी पटना गये थे। वहाँ से लौटने के क्रम में हम लोगों को रिजर्वेशन नहीं मिला। गाड़ी
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लेखक : जवाहर जैन अन्तर्वासना के सभी पाठकों को नमस्कार। इससे पहले लिखी मेरी सारी कहानियों को आपने सराहा और अपनी प्रतिक्रिया देकर मेरा हौसला बढ़ाया, इस
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प्रेषक : मुकेश कुमार कैरोल को चोदते हुए पता लगा रांड और प्रेमिका को चोदने का फर्क। प्रेमिका उचक उचक कर प्रेम क्रीडा का मज़ा लेती है और देती है। थोड़ी
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प्रेषक : राज मधुकर मैं राज मधुकर बहुत समय से अन्तर्वासना की कहानियाँ पढ़ रहा हूँ। मेरी उम्र 24 साल है, मैं दिल्ली में रहता हूँ, अच्छा सुडौल शरीर है औ
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