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कोई मिल गया

मेरा नाम अंकुर वर्मा (बदला हुआ) है। मैं कुछ समय पहले से ही अन्तर्वासना का पाठक बना हूँ। मैंने काफी सारी कहानियाँ पढ़ी पर कुछ सही लगी कुछ काल्पनिक। मैं
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प्रेषक : करन गोयल नमस्ते दोस्तो ! मेरा नाम करन गोयल है और यह मेरी अन्तर्वासना पर पहली कहानी है। आप सबसे विनती करुंगा कि अगर कोई गलती मुझसे हो जाये त
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‘यशोदा … सो गई क्या?’ ‘उंह्ह … चाची, क्या है? ओह, खाना लग गया क्या?’ ‘देख अंकल तुझे कुछ कहना चाह रहे हैं।’ फिर चाची पीछे मुड़ी और जाने लगी। अंकल ने तु
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मैं उन दिनों अपनी चाची प्रियंका के यहाँ रतलाम में आई हुई थी। चाचा तो हमेशा की तरह अपनी यात्रा पर गये हुये थे। चाची मुझसे बहुत प्रेम रखती थी थी। घर मे
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कहानी का पिछला भाग: केयर टेकर-1 एक सप्ताह बाद सवेरे प्रीतम आया और कुछ पैसे मुझे दे गया। बता गया कि शाम को कुछ बिजनेस के काम से चार लोग आ रहे हैं, साम
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मैं दुनिया में बिल्कुल अकेली थी। मेरे माँ-बाप बचपन में ही एक दुर्घटना में चल बसे थे। मेरे मामा ने ही मुझे पाल-पोस कर बड़ा किया था। एम कॉम तक मुझे पढ़ाय
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हरजिन्दर बरार दोस्तो, मैं जानता हूँ कि आप सभी लोग कहानियों का आनन्द ले रहे होंगे, मैंने कुछ दिन पहले ही अन्तर्वासना कहानियों को पढ़ना शुरू किया है। ए
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मैं आज आपको अपनी जिन्दगी की दो साल पुरानी एक घटना बताने वाला हूँ जो मेरे साथ हुई थी. मैं जिस जगह पर रहता हूँ, वहाँ हर साल नए नए लोग ट्रान्सफर होकर आत
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कहानी का पहला भाग : शीशे का ताजमहल-1 शबनम ने दीवान पर मेरे सोने की व्यवस्था कर अन्दर चली गई। मुझे नींद नहीं आ रही थी, मेरा मन अब शबनम के प्रति बदल च
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शबनम का बैठकखाना खूबसूरती से सजा हुआ था, कमरे की दीवारें हल्के गुलाबी रंग से पुती हुई थी, बाईं दीवार पर एक अस्त व्यस्त ग्रामीण बाला की आदमकद तस्वीर
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प्रिय मित्रो.. मेरा नाम लक्ष्मी है, मैं दिल्ली में रहती हूँ, अभी कुछ महीने पहले ही मैंने पहली बार चुदाई का मज़ा लिया है। अन्तर्वासना पर कहानियाँ पढ़ती
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दोस्तो, आज मैं आपको एक वास्तविक घटना सुनाने जा रहा हूँ। मैं उत्तर प्रदेश के मेरठ का रहने वाला हूँ। और मेरे मामा-मामी जी भी मेरठ के रहने वाले हैं। आज
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प्रेषक : राकेश पाण्डे हाय दोस्तो, मेरा नाम रोहित है और मैं 35 साल का अविवाहित हूँ मगर मेरी सेहत बहुत ही अच्छी है और मैं दिखने में भी ठीकठाक हूँ। शाय
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लेखक : राज कार्तिक दोस्तो… आप का प्यार हर बार मुझे अपनी जिंदगी के हसीन लम्हें आपसे बाँटने को बेचैन कर देता है। मेरी हर कहानी को आप सबका बहुत प्यार म
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मेरे घूमते ही लक्की मेरी पीठ से चिपक गया और अपने दोनों हाथ मेरे मम्मों पर रख दिये। मैंने नीचे मम्मों को देखा… मेरे दोनों कबूतरों को जो उसके हाथों की
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मैं एक प्राईवेट स्कूल में पढ़ाती हूँ। उसका एक बड़ा कारण है कि एक तो स्कूल कम समय के लिये लगता है और इसमें छुट्टियाँ खूब मिलती हैं। बी एड के बाद मैं तब
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प्रेषक : सियाराम प्रसाद सिंह उस समय की बात है जब मेरी उम्र सिर्फ़ 18 साल थी। मेरे घर से कुछ ही दूरी पर एक छोटा सा मन्दिर था। मन्दिर में नया पुजारी आय
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हैलो दोस्तो, मेरी तरफ से आपको नमस्कार, आपने मेरी सभी कहानियाँ पसंद की उसके लिए मैं आपका धन्यवाद करती हूँ। आप मेरे बारे में जानते हो मगर फिर भी अपने
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प्रेषक : सन्दीप शर्मा जब मैं आंटी के होंठों से अलग हटा तो मैंने देखा की उनके चहेरे पर एक अलग ही सुकून था। उनके चेहरे पर तो सुकून आ गया था लेकिन मेर
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प्रेषक : सन्दीप शर्मा वो आकर मेरे बगल में बैठ गई और जब उसने मेरे हाथ देखे तो चीखते हुए आंटी से बोली- यह क्या है? आंटी के बजाय मैंने ही जवाब दिया- क
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प्रेषक : सन्दीप शर्मा आंटी भी मेरा पूरा साथ दे रही थी, कभी मेरे बाल सहलाती और कभी मेरी पीठ। मैंने ऐसे ही कुछ 30-40 धक्के मारे होंगे कि मैं झड़ने लगा
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प्रेषक : सन्दीप शर्मा फिर उसके बाद आंटी बोली- अब जो तेरे साथ होने वाला है वो तू जिंदगी भर याद रखेगा। मैंने कहा- देखते हैं, आप क्या करती हो? क्योंकि
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मुझे कुछ समझ नहीं आया पर मैंने आंटी से कहा- अच्छा ठीक है पर मुझे खोलिए तो ! तो आंटी बोली “अगर खोलना ही होता तो इतनी प्यार से बांधती क्यों तुमको? आं
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आप सभी को नमस्कार आप सभी ने मेरी पहले भेजी हुई कहानियाँ पढ़ी और उन्हें पसंद किया इसके लिए बहुत बहुत धन्यवाद। जैसा कि शीर्षक पढ़ कर ही आप समझ गए होंगे,
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प्रेषक : मनो प्रकाश यह मेरी पहली कहानी है, मेरा नाम रणजीत है, मैं 30 साल का हूँ और सीतापुर उ.प्रदेश से हूँ। यह पिछले साल की बात है। मेरा एक दोस्त ह
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हैरी का प्यार भरा नमस्कार ! आपने मेरी कहानियाँ पढ़ी, बहुत पसंद किया, उसके लिए आप सभी का बहुत बहुत शुक्रिया। मैं फिर एक सच्ची घटना लेकर आपके सामने आया
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रात को दस बजे प्रकाश अदिति को लेकर घर आ गये थे। अदिति बहुत थकी हुई सी थी। आते ही वो पहले तो बैठक में बैठ गई और फिर मेघा के साथ ही दीवान पर आकर लेट गई
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प्रेषिका : पूनम वापस आई तो देखा कि हर्ष अपने कपड़े पहन चुका था और वो कैमरामैन के साथ खड़ा था। मुझे आता देख कैमरामैन मुस्करा कर बोला- मैडम, फ़िल्म तो प
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प्रेषिका : पूनम दीदी ने शाम को फ़ोन कर के मुझे बधाई दी कि मुझे चुन लिया गया है और कल ही विज्ञापन की शूटिंग करनी है। अगले दिन मैं सुबह 10 बजे स्टूडिय
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मेरा नाम पूनम है, दिल्ली की रहने वाली हूँ, उम्र लगभग 24 है। आज मैं आपको अपनी कालेज के दिनों कि एक घटना बताने जा रही हूँ। बात उन दिनों की है जब मैं
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