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Antarvasna

सील बंद सोनी की चुदाई

8 मिनट

कुछ दिन हम लोगों की चुदाई चलती रही। एक दिन देखा कि मोनिका से मिलने उसकी एक सहेली आई जिसका नाम सोनी था।

जब मैंने उसको देखा तो एक बार फिर सोचा कि यार राउरकेला में इतनी खूबसूरती है? क्या मस्त माल थी, वो क्या बताऊँ?

उसकी हाइट मोनिका से थोड़ी कम थी, लेकिन गोरी तो उससे भी ज्यादा थी। तब उस ने एक काली कैपरी जो सिर्फ़ उसके घुटनों तक ही था और लाल टॉप पहनी हुई थी।

उसकी फिगर लगभग 34-26-32 होगा। मैं मन ही मन सोचने लगा कि जब इसके हाथ और पैर इतने गोरे हैं जो कपड़े के बाहर दिख रहे हैं, तो अंदर का भाग कितना गोरा होगा?

तभी मोनिका ने मुझे देख लिया और बोला- सुशान्त, इससे मिलो।

मैं बोला- हाय मैं सुशान्त।

उसने भी अपना हाथ बढ़ाया और बोली- सोनी हियर !

मैं तो उसके हाथ को पकड़े ही रह गया, जब मोनिका ने मुझे टोका तो मैंने छोड़ा।

हम बात करने लगे, बातों से पता चला कि वो वहीं से डिप्लोमा कर रही थी। कुछ देर बात करने के बाद वो जाने लगी तो मैं बस उसके नितम्बों को ही देखता रह गया।

जब वो चल रही थी तो उसके नितम्ब मस्त मटक रहे थे। उसकी कैपरी उसके चूतड़ के बीच में फँस गई तो मेरा मन हुआ कि उसको दबा दूँ लेकिन कुछ कर नहीं पाया।

उस रात मोनिका से ही काम चलाना पड़ा और मोनिका को ही सोनी समझ कर चोदा।

मैंने मोनिका को बोला- यार, मैं तुम्हारी सहेली को चोदना चाहता हूँ।

वो बोली- कौन सोनी? वो उस तरह की लड़की नहीं है और जहाँ तक मैं जानती हूँ, वो अब तक किसी से चुदी भी नहीं है।

मैं बोला- तब तो उसको ज़रूर चोदूँगा। प्लीज़ मेरी हेल्प करो ना।

वो बोली- ओके, करूँगी लेकिन क्या करना होगा?

मैंने ने उसको अपना लॅपटॉप दिया, उसमें 60 जी.बी. पॉर्न मूवीज थीं।

मैं बोला- तुम एक काम करो, उसको ये मूवीज दिखा कर सेक्स के लिए भड़काओ।

अगले दिन जब हम दोनों के अलावा कोई नहीं था, तभी सोनी आई तो मोनिका ने उसको मेरे लॅपटॉप में मूवी दिखाने के बहाने उसको अपने पास बैठा लिया।

एक पोर्न मूवी लगा कर चली गई और बाहर आ कर मेरे साथ वो भी चुपके से देखने लगी।

जैसे ही फिल्म में सेक्स शुरु हुआ तो सोनी गर्म होने लगी और टी-शर्ट के ऊपर से अपनी चूची को दबाने लगी।

मैं भी मोनिका की चूची को दबाने लगा और उसको बोला- कुछ देर में तुम जाना और उसके साथ समलिंगी सेक्स करना।

कुछ ही पलों के बाद मैंने देखा कि वो अपनी चूची को बाहर निकाल कर अपने मुँह में चूसने लगी तो मैंने मोनिका को बोला कि अब तुम जाओ।

वो गई और उसके साथ शामिल होते हुए उसकी चूची को दबाने लगी।

वो उससे चिपक गई और दोनों लिप-किस करने लगे।

फिर मोनिका ने उसके टॉप को उतार दिया और दोनों एक दूसरे की चूचियाँ दबाने लगीं।

मैंने पीछे से इशारा किया कि मुझे इसके चूतड़ दिखाओ तो मोनिका ने उसको बेड से नीचे उतारा और किस करने लगी और हाथ को पीछे करके सोनी के चूतड़ को दबाने लगी।

मोनिका धीरे-धीरे उसकी कैपरी में हाथ डाल दिया और उसको थोड़ा नीचे किया जिससे उसके चूतड़ दिखने लगे।

उसके चूतड़ बहुत ही मस्त और गोरे थे। मोनिका ने पूरी कैपरी नीचे कर दी और मुझे पूरे चूतड़ दिखने लगे।

मेरा मन उसके चूतड़ को छूने, दबाने और किस करने का मन होने लगा तो मैं रूम में चला गया।

मुझे देखते ही दोनों अलग हो गए और सोनी ने एक चादर को उठा कर अपने आप को छुपा लिया।

मैं बोला- क्या हो रहा है यहाँ?

तो सोनी डरने लगी तो मोनिका बोली- कुछ नहीं, हम लोग खेल रहे थे।

मैं बोला- कपड़े खोल कर खेल रही थीं। ये कौन सा खेल है? मैं जा रहा हूँ आंटी को बताने।

तो दोनों मुझे बोलने लगीं- प्लीज़ किसी को मत बताना।

मैं बोला- अगर मैं नहीं बताऊँगा तो मुझे क्या मिलेगा?

तो दोनों बोलीं- तुम जो बोलोगे, वो मिलेगा।

मैं बोला- सोच लो, जो मागूँगा वो दोगी?

तो दोनों बोलीं- क्या चाहते हो?

मैंने कहा- जो तुम लोग कर रहे थे, आपस में, मैं भी तुम लोगों के साथ खेलना चाहता हूँ।

सोनी ने पहले मना कर दिया, लेकिन मोनिका के समझाने के बाद वो मान गई, और चुदने को तैयार हो गई।

मैंने सोनी को अपनी ओर खींचा और उसके होंठों पर किस करने लगा।

सोनी बोली- सुशांत अभी मुझे जाना होगा। मैं आज रात को आऊँगी तब सब कर लेना।

मैं बोला- पक्का?

वो बोली- हाँ पक्का।

वो उस समय जल्दी से वहाँ से चली गई और रात को वो मोनिका के रूम में ही रुक गई। शायद वो अपने घर पर कुछ बहाना कर आ गई थी।

हम लोग खाना खाकर अपने-अपने रूम में चले गए और मैं सोनी का इंतजार करने लगा। कुछ देर बाद मैंने देखा कि दरवाजे से कोई अंदर आ रहा है, वो सोनी ही थी।

मैं उठा और दरवाजे के पास से उसको किस किया और दरवाजे को बंद कर के उसकी कमर में हाथ डाल कर बेड पर ले आया।

वो बेड पर बैठ गई और मैं नीचे बैठ कर उसके पैर को सहलाने लगा और उससे पूछा- आज तक किसी के साथ सेक्स किया है?

वो बोली- नहीं, फर्स्ट टाइम है।

मैंने मन में सोचा, चलो बहुत दिनों बाद सील पैक चूत मिलेगी और उसके घुटनों पर किस किया और थोड़ा ऊपर उठा कर उसके नाइट गाउन को थोड़ा खोल दिया।

उसकी एक चूची पर बड़े ही प्यार से हल्का सा किस किया और उसकी निप्पल को अपनी ऊँगली से हल्का सा दबाया।

मैंने अपने होंठ से उसकी निप्पल को छुआ, वो सिहर उठी। मैंने उसके एक चूचुक को अपने होंठों से दबा कर चचोरने लगा।

मैं बीच-बीच में कभी उसकी बदन को भी सहला देता था। मैं उठा और बेड पर सोनी के साथ बैठ गया और उसके होंठ पर उंगली फेरने लगा और हल्का सा किस किया।

चेहरे से उसके बाल को हटाया और उसके गाल पर, फिर कंधे पर, चूम लिया। फिर उसकी चूची को चूमने लगा और उसकी दूसरी चूची को भी कपड़े के बाहर निकाल दिया।

मैं उसकी एक चूची को चूसने लगा और दूसरी को दबाने लगा। वो लगातार सीत्कार रही थी। मुझे महसूस हो रहा था कि वो गर्म होती जा रही है।

मैंने सोनी के गाउन को नीचे से उठाया और उसकी दोनों टाँगों को फैला दिया तो उसकी चूत दिखने लगी। वो पहले से ही गाउन के भीतर सब उतार कर आई थी।

मैं उसकी दोनों टाँगों के बीच में आ गया और चूत को सहलाने लगा। हल्का सा किस किया और अपनी एक ऊँगली को चूत के ऊपर फिराने लगा।

मैंने उंगली में थोड़ा थूक लगाया और फिर से घुमाने लगा। फिर उसकी चूत की दोनों फाँकों को थोड़ा सा अलग किया और जीभ से चाटने लगा और जीभ को अंदर डाल कर अंदर-बाहर करने लगा।

“आअ आआ अहहा आअह उईई ई उऊहहाआ !” की आवाज निकालने लगी तो मैं ज़ोर-ज़ोर से करने लगा।

फिर उसके दोनों पैर को एक साथ कंधे पर रखा और चूत में ऊँगली करने लगा। उसकी चूत बहुत रसीली हो गई थी।

मैं खड़ा हो गया और अपने कपड़े उतार दिए। मेरा लंड बाहर आकर लहराने लगा।

लंड देख कर वो बोली- इतना बड़ा?!

तो मैं बोला- छू कर देख लो।

लेकिन वो नहीं छू रही थी, तो मैंने उसका हाथ पकड़ा और लंड पर रख दिया तो वो लंड को सहलाने लगी।

कुछ देर सहलाने के बाद मैंने उसको मुँह में लेने को बोला तो पहले तो मना कर दिया फिर हल्का सा किस किया और फिर मुँह में ले लिया और उसको चूसने लगी।

कुछ देर चूसने के बाद मैं उसकी चूची को फिर से चूसने लगा फिर हम दोनों ने जो थोड़े बहुत कपड़े पहने थे, वो भी हटा दिए।

उसको बेड पर लिटा दिया। उसके दोनों पैर को उठा कर उसकी चूत में पहले एक उंगली किया और दो और अपने लंड को उस पर रगड़ने लगा और लंड को अंदर डालने की कोशिश करने लगा।

वो मेरी तरफ देख रही थी। मैंने अपने लौड़े के सुपाड़े को चूत की दरार में घुसेड़ा तो उसके मुँह से ‘आआ अह हाआआ’ की आवाज आई।

लेकिन मैंने फिर भी लंड डाल दिया और उसके मुँह से एक जोरदार चीख निकली- आआ आअहहा आआआ मरर गई ई ई ई !

मैंने अपने होंठ उसके होंठ पर कस दिए और मेरा लंड खून से लाल हो गया। मैं अपना हथियार अंदर-बाहर करने लगा।

कुछ देर करने के बाद उसको मजा आने लगा और वो मेरा साथ देने लगी।

मैंने उसको घोड़ी बनाया और उसकी चूत को साफ किया और फिर से लंड को डाल दिया और ज़ोर-ज़ोर से झटके मारने लगा।

कुछ देर बाद मैं बेड पर लेट गया और वो मेरे लंड पर बैठ गई। मैं उसके चूतड़ों को पकड़ कर लंड को अंदर-बाहर करने लगा और बीच-बीच में उसकी चूची पर भी किस कर ले रहा था।

लगभग बीस मिनट के बाद मैं ज़ोर-ज़ोर से झटके मारने लगा और फिर हम दोनों झड़ने से पहले अलग हो गए।

उसने जल्दी से उठ कर मेरे लंड को पकड़ और हाथ से मुट्ठ मारने लगी। जब मैं झड़ने वाला था, तो लंड अपने मुँह में ले लिया। वो सारा माल पी गई।

हम लोगों ने कुछ देर तक आराम किया और फिर से चुदाई की। उस रात मैंने सोनी को 3 बार चोदा।

सुबह तक सोनी की चूत एकदम लाल हो गई थी। सुबह वो मोनिका के रूम में चली गई।

उसके बाद मैंने अगली रात को मोनिका और सोनी को एक साथ चोदा इसको जानने के लिए मेरी अगली कहानी का इंतजार कीजिए।

प्रकाशित किया गया था: कोई मिल गया