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Antarvasna

मेरी चालू बीवी-66

5 मिनट

सम्पादक – इमरान
क्या बात थी… हर पल मस्ती भरा गुजर रहा था… जिधर देखो मस्ती, चुदाई और आहें…
कमरे में वो लड़की अभी भी दो आदमियों के साथ मस्ती भरी चुदाई कर रही थी…

ऋज़ू उस हब्शी का लण्ड चूस रही थी और अब बाथरूम में मेरी बीवी… मेरी प्यारी जान… सलोनी पूरी तरह नंगी…

जी हाँ… उसके कातिल बदन पर एक भी कपड़ा नहीं था… उसकी स्कर्ट तो मेरे हाथ में ही थी और टॉप भी बाथरूम में एक तरफ पड़ी नजर आ गई… ब्रा भी कहीं न कहीं होगी…

पर सलोनी के बदन पर कपड़े के नाम पर एक रेशा तक नहीं था… वो बाथरूम की तेज लाइट में मेरे ठीक सामने कमोड पर बैठी थी…

और वो मोटा, काला आदमी पूरा नंगा उसके आगे जमीन पर बैठा था…

अपने मोटे शरीर की वजह से वो बड़े अजीब तरीके से ही वहाँ बैठा था… उसके दोनों पैर फैले थे और चूतड़ जमीन पर टिके थे…

उसने अपना मुँह मेरी बीवी के दोनों टांगों के बीच डाल रखा था… मतलब वो उसकी रसीली छोटी से चूत का रस पी रहा था…

मैंने जैसे ही दरवाजा खोला… तो यही दृश्य मेरे सामने था…

सलोनी और मेरी नजरें आपस में मिलीं और उस मोटे ने भी चूत से मुँह हटा कर पीछे घूमकर मुझे देखा…

तभी मुझे सलोनी का हर अंग नंगा नजर आ गया…

मोटे के चेहरे पर कोई शिकन तक नहीं आई… पर हाँ… सलोनी के चेहरे पर कुछ परेशानी नजर आई…

मतलब नशे के बाबजूद उसने मुझे पहचान लिया था और उसको यह भी समझ आ रहा था कि शायद वो कुछ गलत कर रही है…

उसने वहाँ से उठने की कोशिश की पर मोटे ने उसकी दोनों जांघों को अपने हाथों से जकड़ लिया…

तो उसको मजबूरन फिर कमोड पर बैठना पड़ा…

यह गनीमत थी कि उसने कुछ बोला नहीं वरना सबको वहाँ पता चल जाता कि हम दोनों पति पत्नी हैं…

मैंने मुस्कुराकर आँखों ही आँखों में उसको इशारा किया कि मजे लो…

उसकी आँखें एक पल के लिए कुछ सिकुड़ी पर फिर सामान्य हो गईं मगर उसका चेहरा बता रहा था कि वो जैसे मजबूरी में ये सब कर रही हो, उसको बहला फ़ुसला कर यहाँ लाया गया हो…

तभी मोटे ने सलोनी की दोनों टांगें उठा ली और अपने कन्धों पर रख ली, इस अवस्था में सलोनी की चूत की दोनों फ़ांकें खुलकर सामने आ गई…

और वो मोटा बहुत मदमस्त तरीके से उसको चाट रहा था…

मुझे देखते देखते ही धीरे धीरे सलोनी की आँखें बंद होने लगी… मतलब उसको बहुत मजा आ रहा था और उसके मुँह से निकली आवाज ने भी यह सच साबित कर दिया- …अह्ह्ह्ह्हाआआआ अह्हाआआआ मईइइइइ अह्ह्ह्हाआआ

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मेरे होंठों की मुस्कराहट गहरी हो गई… यह पहला मौका था जब मैं सलोनी के ठीक सामने था, उसने मुझे देख लिया था और वो पूरी नंगी एक अजनबी के सामने बैठी थी और वो अजनबी बड़े मजे से उसकी चूत चाट रहा था और सलोनी भी पूरा मजा ले रही थी…

ऐसी थी सलोनी की चूत की गर्मी… जिसने उसकी सारी घबराहट को दूर कर दिया था और उसकी चूत ने पानी छोड़ना शुरू कर दिया था…

तभी ऋज़ू मेरे पास आ गई… मैंने एक नजर कमरे में देखा… पलंग पर अभी भी वो लड़की उन दो आदमी से मजे ले रही थी…

एक उसको चोद रहा था और दूसरे का लण्ड उसके मुँह में था, तीसरा शायद बाहर चला गया था…

तभी ऋज़ू फ्री हो गई थी और वो लड़का भी नहीं था जो सलोनी के पास से गया था…

उसका मुझे अंदेशा था कि क्या वो सलोनी को चोदकर गया था या ऐसे ही चला गया था?

क्योंकि उसका चेहरा बता रहा था कि गया तो वो लण्ड का पानी निकाल कर ही था…

अब कहाँ यह तो सलोनी जाने या फिर ये दोनों… पता नहीं ?????

ऋज़ू ने मेरी जींस खोलनी शुरू कर दी… मेरा लण्ड भी अब आजादी चाह रहा था…

और कुछ ही देर में ऋज़ू नीचे बैठ मेरे लण्ड को चूस रही थी…

मैंने सलोनी को देखा… वो आँखें खोल मुझे देख रही थी, अब उसके होंठों पर भी एक आकर्षक मुस्कुराहट थी…

जो थोड़ी बहुत ग्लानि थी वो इस दृश्य ने खत्म कर दी थी…

अब हम दोनों पति पत्नी अपने लण्ड और चूत किसी अजनबी से चुसवा रहे थे…

मैं अब सलोनी को कुछ और भी करते देखना चाह रहा था इसीलिए मैंने ऋज़ू को खड़ा किया और उसकी कुर्ती निकाल उसको भी पूरी नंगी कर दिया क्योंकि उसने कुर्ती के अंदर ब्रा नहीं पहनी थी…

मैंने ऋज़ू वहीं वाश वेसिन से लगाकर उल्टा खड़ा कर दिया…

वो खुद झुक गई, उसको चुदाई का अच्छा अनुभव था, ऋज़ू ने झुककर अपनी गांड को ऊपर को उठाकर अपने दोनों छेद खोल दिए कि चाहे किसी में भी डाल दो…

मैंने सलोनी की ओर देखा… वो अभी भी मुझे मुस्कराकर देख रही थी… और उसकी लाल आँखें बता रही थी कि डाल दो इसकी चूत में…

मैंने भी ऋज़ू की चूत को अपने बाएं हाथ से सहलाया और दायें हाथ से लण्ड को पकड़ उसके चूत के छेद से चिपका एक ही झटके में लण्ड चूत की गहराई में उतार दिया…

मोटे को मेरी चालू बीवी की चूत चाटने में इतना मजा आ रहा था कि वो एक पल को भी अपना मुँह नहीं हटा रहा था…

अब उस बाथरूम में कई आवाजें एक साथ शोर करने लगी…

सलोनी और ऋज़ू की आहें और सिसकारियाँ…

चूत चाटने की चपर शपर और मेरी जांघें जब ऋज़ू के मोटे चूतड़ से टकराती तो पट-पट… साथ ही लण्ड के चूत में जाने की भी आवाज…

मैंने सपने में भी नहीं सोचा था कि आज ही इतना मजेदार सीन हो जायेगा…

सलोनी हमारी चुदाई को देखते हुए अपनी चूत की चुसाई का पूरा मजा ले रही थी पर मैं तो उसकी भी चुदाई का इन्तजार कर रहा था…

क्या मुझे उसकी चुदाई देखने को मिलेगी…??

तभी वो मोटा सलोनी की चूत के मुख से अपना मुँह हटा हाँफ़ने लगा…

और सलोनी… ?????

कहानी जारी रहेगी।

प्रकाशित किया गया था: कोई मिल गया