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Antarvasna

पूल पार्टी में चूत चोदने को मिली

5 मिनट

हैलो फ्रेंड्स, मेरा नाम प्रिन्स है.. यह बदला हुआ नाम है। मेरी उम्र 23 साल है। मैं जयपुर में एमबीए की पढ़ाई कर रहा हूँ। मेरी हाइट 5’10” है.. मुझे स्पोर्ट्स और जिम में काफ़ी इंटरेस्ट है.. इसी कारण मैंने काफी अच्छी बॉडी भी बना रखी है। मैं दिखने में इतना आकर्षक हूँ कि कोई भी लड़की आराम से पटा सकूँ।

मुझे पार्टी में जाने का बहुत शौक है.. तो मैं अक्सर पार्टी अटेंड करने जाता रहता हूँ।
बात जून की है.. गर्मियों में तो अक्सर पूल पार्टी होती रहती है।

ऐसे ही एक बार पूल पार्टी में अपने दोस्तों के साथ गया था.. उसमें हम सभी दोस्त खूब मस्ती कर रहे थे। चूंकि पूल पार्टी थी.. तो हम सभी ने अपनी शर्ट उतार रखी थीं। मेरी काफ़ी अच्छी बॉडी होने के कारण मैं काफ़ी आकर्षक भी लग रहा था।

फिर एक बहुत सुन्दर लड़की मेरे करीब आई.. मेरी नज़र उस पर से हट ही नहीं रही थी।
इतने में उसने मेरे सीने पर जानबूझ कर एक धौल जमाई और कहा- ऊ..सॉरी!

यह एक मस्ती थी.. जिससे मुझे चैलेन्ज सा दिया गया था.. और मुझे हारना पसंद नहीं है।
मैं तो हिल गया.. उस लड़की को देख कर.. वो ब्लैक टॉप और डेनिम में काफ़ी हॉट लग रही थी।
पूल पार्टी थी तो उसका टॉप गीला होने के कारण उसके मम्मे बड़े मस्त लग रहे थे।

उसकी हाइट करीब 5’4” की रही होगी। वो एकदम दूध सी गोरी.. बड़ी-बड़ी आँखें.. लाल-लाल होंठ.. बिल्कुल ऐसी जैसे कोई मॉडल हो। उसके तने हुए मस्त मम्मे.. शायद 34 साइज़ के थे और उस मदमस्त हसीना का ज़ीरो फिगर था।

मैं अपने आपको संभालता हुआ उसका हाथ पकड़ कर उसे अपने तरफ खींच लिया और उसकी कमर में हाथ डाल कर उसकी ओर नशीले अंदाज में देखा.. और उसके गाल पर चुम्मा कर दिया।
मैं बोला- यह भी एक मस्ती भरा चैलेन्ज ही है.. कि यहाँ पर जो सबसे ब्यूटीफुल गर्ल हो उसको किस करो.. और मुझे भी हारना पसंद नहीं..

वो हँसी और उसने अपना हाथ मेरे कंधे पर रखते हुए वो मेरे और करीब आ गई।
मैं समझ गया कि वो काफ़ी ओपन माइंड की है और शायद मुझे पसन्द कर रही है।

हम वहाँ कपल की तरह डान्स करने लगे। फिर हमने इधर-उधर की बातें की और उसने अपना नाम बताया.. अनामिका उसकी उम्र 24 साल वो एक एंकर.. डान्सर और मॉडलिंग भी करती है.. वो मुंबई से जयपुर एक इवेंट के लिए आई थी।

फिर मैंने उसे बीयर का ऑफर किया तो उसने ‘हाँ’ कर दी।
हम दोनों ड्रिंक भी करते जा रहे थे और बातें भी कर रहे थे।
वो तो मस्त होकर कैन पर कैन खत्म करते जा रही थी।

उसने मुझे ड्रिंक करते हुए किस करना शुरू किया.. मैं समझ गया कि अब वो क्या चाहती है। उसे चढ़ भी गई थी.. मैं भी मौके का फायदा उठाते हुए उससे गर्दन पर.. होंठों पर चूमने लगा और साथ ही मैं उसकी कमर भी मसल रहा था।

करीब 7 बजे पार्टी खत्म होने को थी.. तो उसकी फ्रेंड उसके पास आई और उससे चलने को बोला।
इस बात पर मैंने कहा- मैं उसे डिनर के बाद छोड़ दूँगा..

तो उसकी सहेली मान गई और अनामिका ड्रेस चेंज करके आ गई, हम डिनर के लिए निकल गए।

मैंने डिनर करते हुए पूछा- मेरे फ्लैट पर चलो.. थोड़ी और मस्ती करेंगे..
मेरी बात सुनते ही वो स्माइल देते हुए ‘हाँ’ में गर्दन हिलाने लगी।
मैं जाकर कन्डोम खरीद लाया और रूममेट्स को फोन करके फ्लैट से बाहर जाने को बोला।
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जब हम वहाँ पहुँचे तो वहाँ कोई नहीं था। वहाँ जाते ही मैंने उसे अपने पास खींचा और स्मूच करने लगा। वो भी मेरा साथ देने लगी। हम दोनों ही जोश और नशे दोनों में थे.. तो किस करते-करते कब हम नंगे हो गए.. पता ही नहीं चला। मैं उससे पागलों की तरह चूमे जा रहा था और वो भी मुझे जगह-जगह बाईट करते हुए अपने नाख़ून चुभो रही थी।

फिर मैंने उस गोद में उठाया और बिस्तर पर ले गया और उधर उसे लिटा दिया।
अब मैं उसे बेतहाशा चूमने लगा.. उसके मम्मों को खूब चूसा और काटने भी लगा।
वो दर्द से सिसकारियाँ ले रही थी। मैं कभी उसकी गर्दन को काटता.. तो कभी मम्मों को चूसता.. वो बहुत गरम होने लगी।

फिर मैं उसको पेट से चूमता हुआ उसकी गोरी चिकनी चूत पर पहुँचा और उसे चूसने लगा।
उसकी चूत तो पूरी गीली थी.. उसकी चूत के पानी ने मेरी और हवस जगा दी।

फिर मैंने कन्डोम पहना और उसको लेटा कर उसके पैर चौड़े किए और अपना 7″ का मोटा कड़क लंड उसकी चूत में डाल दिया।
कन्डोम और चूत गीली होने से मेरा आधा लंड एक झटके में अन्दर घुसता चला गया।

वो ज़ोर से चिल्लाई और बेडशीट को मुठ्ठी से जकड़ लिया, वो मुँह से गाली देने लगी और मुझे रुकने को कहा।

मैंने उसको किस किया.. थोड़ा सहलाने लगा। थोड़ी देर बाद उसने चूतड़ हिलाना शुरू किया.. तो मैं समझ गया कि अब शुरू हो जाना चाहिए।

मैंने चोदना शुरू किया.. तो वो कुछ ही धक्कों में एक बार झड़ गई.. पर मैं नहीं रुका, मैं उसकी चूत में लवड़ा ज़ोर-ज़ोर से पेलता गया.. कुछ ही देर में वो फिर से मेरा साथ देने लगी.. नशे में दर्द का उसे कुछ पता ही नहीं चला।

काफ़ी देर चुदाई करने के बाद मैं उसकी चूत में ही झड़ गया और उसके ऊपर लेट गया।

दस मिनट यूँ ही लेटने के बाद हम वॉशरूम गए.. और साथ में नहाए।
नहाते-नहाते उसने मेरा लंड चूसना शुरू कर दिया और मेरा लंड चुदाई क लिए दुबारा खड़ा हो गया।

अब मैंने उसे उठा कर सोफे पर ले गया और उसे घोड़ी बनने को कहा। मैंने काफ़ी सारा तेल अपने लंड पर लगाया और उसकी गाण्ड मारी।
इस बार मैंने सारा माल उसके मुँह में ही डाला और दोनों एक साथ ही नंगे ही कमरे में ही सो गए।

अगली सुबह जो उठा.. वो और भी मस्त था.. जाने के लिए मेरी अगली कहानी का इंतज़ार कीजिए।
मुझे उम्मीद है कि यह कहानी आपको पसंद आई होगी। आपके कमेंट्स का इन्तजार रहेगा।
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प्रकाशित किया गया था: कोई मिल गया